श्री साव के नेतृत्व में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा महत्वपूर्ण पहल

छत्तीसगढ़ में खेलों को नई दिशा देने और खिलाड़ियों के प्रशिक्षण को आधुनिक एवं वैज्ञानिक बनाने की दिशा में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा महत्वपूर्ण पहल की गई है। विभाग के 12 कोचेस ने 03 से 07 अगस्त तक नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान (NS NIS), पटियाला में पाँच दिवसीय एडवांस्ड स्पोर्ट्स कोचिंग एवं स्पोर्ट्स साइंस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल कोचेस को नई जानकारी देना नहीं, बल्कि स्पोर्ट्स साइंस और आधुनिक कोचिंग तकनीकों को प्रदेश के खेल मैदानों तक पहुंचाकर छत्तीसगढ़ की कोचिंग व्यवस्था में सकारात्मक और दीर्घकालिक बदलाव लाना है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न खेलों से जुड़े, हिमांशु चंद्राकर (एथलेटिक्स, रायपुर), सरिता यादव (फुटबॉल,रायपुर), भूपेंद्र हिरवानी (फुटबॉल, दुर्ग), दुर्गेश नंदिनी गोस्वामी ( तीरंदाजी, रायपुर), स्नेह कुमार यादव (एथलेटिक्स, बिलासपुर), अनीस अहमद (हॉकी, जशपुर), आरती शिंदे (हॉकी, राजनांदगांव), श्रद्धा सोनवानी (तीरंदाजी, रायपुर) तथा रश्मि संध्या तिर्की (हॉकी, रायपुर) हरगुलशन सिंह (वॉलीबॉल, बिलासपुर), टी. निंगराज रेड्डी (सॉफ्टबॉल, रायपुर), दिल कुमार राठौर ( कबड्डी, बिलासपुर) शामिल हुए।

स्पोर्ट्स साइंस से बदलेगा खिलाड़ियों का प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दौरान कोचेस को स्पोर्ट्स फिजियोलॉजी, स्पोर्ट्स बायोमैकेनिक्स, स्पोर्ट्स साइकोलॉजी, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग, स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन, रिकवरी इंजरी प्रिवेंशन, परफॉर्मेंस एनालिसिस तथा एडवांस्ड स्पोर्ट्स कोचिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।इन वैज्ञानिक पद्धतियों का उपयोग अब छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के प्रशिक्षण में किया जा सकेगा। खिलाड़ीकी स्पीड, स्ट्रेंथ, एंड्योरेंस, टेक्नीक, फिटनेस और ट्रेनिंग लोड का साइंटिफिक असेसमेंट कर उसकी क्षमता के अनुसार इंडिविजुअल ट्रेनिंग प्लान तैयार किया जा सकेगा।
स्पोर्ट्स बायोमैकेनिक्स की सहायता से खिलाड़ी की टेक्नीक में होने वाली छोटी-छोटी कमियों की पहचान कर उन्हें सुधारा जा सकेगा। स्पोर्ट्स फिजियोलॉजी के माध्यम से खिलाड़ी की फिजिकल कैपेसिटी और रिकवरी का बेहतर असेसमेंट किया जा सकेगा।वहीं स्पोर्ट्स साइकोलॉजी के माध्यम से खिलाड़ियों की कॉन्सेंट्रेशन, कॉन्फिडेंस, मेंटल स्ट्रेंथ और प्रेशर हैंडलिंग क्षमता को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।
स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग के माध्यम से खिलाड़ियों की स्ट्रेंथ, स्पीड, पावर और एजिलिटी को वैज्ञानिक तरीके से विकसित किया जा सकेगा। स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन के माध्यम से खिलाड़ी की आवश्यकता के अनुसार सही न्यूट्रिशन प्लान तैयार करने में मदद मिलेगी। इसी प्रकार रिकवरी और इंजरी प्रिवेंशन की वैज्ञानिक विधियों से खिलाड़ियों को ओवरट्रेनिंग और चोटों से बचाने तथा चोट के बाद सुरक्षित और प्रभावी रिकवरी में सहायता मिलेगी। परफॉर्मेंस एनालिसिस के माध्यम से खिलाड़ी के प्रदर्शन का डेटा बेस्ड विश्लेषण कर उसकी कमजोरियों और मजबूत पक्षों की पहचान की जा सकेगी।
कोच होंगे बदलाव के सबसे महत्वपूर्ण माध्यम

NS NIS पटियाला से प्रशिक्षण प्राप्त कर लौटे ये 12 कोचेस अब अपने-अपने खेलों में सीखी गई नई टेक्निक्स और साइंटिफिक ट्रेनिंग मेथड्स को खिलाड़ियों तक पहुंचाएंगे।इससे राष्ट्रीय स्तर के संस्थान से प्राप्त ज्ञान सीधे छत्तीसगढ़ के ट्रेनिंग सेंटर और ग्राउंड लेवल कोचिंग तक पहुंचेगा। इसका लाभ केवल इन 12 कोचेस तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वे अपने खिलाड़ियों और अन्य कोचेस के साथ भी इस जानकारी को साझा करेंगे।
इस तरह प्रदेश में धीरे-धीरे साइंटिफिक कोचिंग कल्चर विकसित होगा, जिसमें खिलाड़ियों का प्रशिक्षण केवलपारंपरिक अभ्यास पर आधारित न होकर स्पोर्ट्स साइंस, टेक्नोलॉजी, डेटा और परफॉर्मेंस एनालिसिस परआधारित होगा।
वीडियो कॉल के माध्यम से उपमुख्यमंत्री ने की कोचेस से चर्चा

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान माननीय उपमुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री श्री अरुण साव जी ने वीडियो कॉल के माध्यम से NS NIS पटियाला में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सभी कोचेस से सीधे चर्चा की। उन्होंने कोचेस से प्रशिक्षण के अनुभव और वहां प्राप्त नई जानकारी के बारे में जानकारी ली। कोचेस ने बताया कि पटियाला में उन्हें स्पोर्ट्स साइंस एवं एडवांस्ड स्पोर्ट्स कोचिंग के विभिन्न पहलुओं को समझनेका महत्वपूर्ण अवसर मिला। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान मिली नई जानकारी उनके कोचिंग कार्य और खिलाड़ियों के प्रशिक्षण में काफी उपयोगी साबित होगी।
कोचेस ने इस महत्वपूर्ण अवसर के लिए माननीय उपमुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री श्री अरुण साव जी तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक तानुजा सलाम के प्रति आभार व्यक्त किया।
छत्तीसगढ़ के खेल जगत में आएगा बड़ा बदलाव
छत्तीसगढ़ में अब स्पोर्ट्स ट्रेनिंग को केवल अनुभव और पारंपरिक कोचिंग तक सीमित रखने के बजाय साइंस टेक्नोलॉजी और डेटा बेस्ड ट्रेनिंग की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। स्पोर्ट्स साइंस के उपयोग से खिलाड़ियों की साइंटिफिक असेसमेंट, इंडिविजुअल ट्रेनिंग, परफॉर्मेंस मॉनिटरिंग, इंजरी प्रिवेंशन, रिकवरी और न्यूट्रिशन मैनेजमेंट को बेहतर बनाया जा सकेगा।
इसका सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि प्रत्येक खिलाड़ी की क्षमता और आवश्यकता के अनुसार उसका ट्रेनिंग प्रोग्राम तैयार किया जा सकेगा। इससे ट्रेनिंग अधिक प्रभावी होगी, इंजरी कम होंगी, परफॉर्मेंस में सुधार होगा और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर तरीके से तैयार किया जा सकेगा। यह पहल छत्तीसगढ़ में ऐसी मॉडर्न स्पोर्ट्स कल्चर विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें खिलाड़ी की प्रतिभा को स्पोर्ट्स साइंस और टेक्नोलॉजी का पूरा सपोर्ट मिलेगा ।
माननीय उपमुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री श्री अरुण साव के मार्गदर्शन में खेल एवं युवा कल्याण विभाग का प्रयास है कि प्रदेश के कोचेस को लगातार मॉडर्न कोचिंग टेक्निक्स, स्पोर्ट्स साइंस और लेटेस्ट टेक्नोलॉजी से अपडेट किया जाए, ताकि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें। नई टेक्नोलॉजी और स्पोर्ट्स साइंस के साथ बेहतर कोचिंग – यही छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय औरअंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे ले जाने की नई दिशा है.
