
डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय की मेज़बानी में 26वीं राज्य स्तरीय सीनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का आयोजन छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन व जिला संघ तथा विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा, योग एवं खेल विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
प्रतियोगिता में प्रदेश के 20 जिलों से लगभग 300 तीरंदाजों, कोच, मैनेजर एवं तकनीकी अधिकारियों ने भाग लिया। स्पर्धा में राष्ट्रीय पदक विजेता तीरंदाजों के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर चुके पैरा तीरंदाजों ने भी सामान्य वर्ग में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता खिलाड़ी 11 से 18 नवंबर तक शिलांग, मेघालय में आयोजित होने वाले सीनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे। स्पर्धा के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जिले के कलेक्टर संजय अग्रवाल उपस्थित रहे। उन्होंने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि तीरंदाजी प्राचीन काल से भारत की गौरवशाली परंपरा का हिस्सा रही है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सोच समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने की है। खेलों के माध्यम से ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने तीरंदाजी के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कैलाश मुरारका एवं आयोजकों के प्रयासों की सराहना की तथा खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दिए।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन के महासचिव आयुष मुरारका, विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अरविंद तिवारी, एडवोकेट श्रीमती ईशा अग्रवाल, कैलाश मुरारका के अलावा शिव तराई आर्चरी अकादमी की अध्यक्ष श्रीमती वंदना उईके सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे। समापन समारोह में विजेता खिलाड़ियों को अतिथियों द्वारा पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के संयोजक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. जय शंकर यादव रहे। जिला तीरंदाजी संघ के सचिव डॉ. आलोक शर्मा ने आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संचालन डॉ. ब्रह्मेश श्रीवास्तव ने किया। अंत में डॉ. आलोक शर्मा ने सभी अतिथियों, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, अधिकारियों एवं आयोजन में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
अंतिम परिणाम इस प्रकार रहे


