जापान के काका मिहारा में 26 मई से 6 जून तक आयोजित पुरुष व महिला अंडर-18 एशिया कप हॉकी प्रतियोगिता में भारत की पुरुष टीम ने इतिहास रच दिया। सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 5-3 से हराने के बाद फाइनल में मेजबान जापान को 4-1 से पराजित कर भारत ने खिताब अपने नाम किया।
इस विजयी टीम में बिलासपुर के युवा खिलाड़ी अवी मानिकपुरी (अवी मलिकपुरी) का शानदार प्रदर्शन विशेष रूप से उजागर रहा। बिलासपुर के 66 वर्षों के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी स्थानीय खिलाड़ी ने अंडर-18 राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व किया और खिताब जीतने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।इस ऐतिहासिक उपलब्धि के जश्न में हॉकी बिलासपुर के खिलाड़ी और पदाधिकारी उत्साहपूर्वक शामिल हुए।
विजयी टीम के सम्मान में बजरंगबली मंदिर में 11 किलो का लड्डू भोग चढ़ाया गया और पटाखे व आतिशबाज़ी के साथ उत्सव मनाया गया। मौके पर ताशों की भी पारंपरिक खुशियाँ देखी गईं। खिलाड़ियों और समर्थकों में हर्ष और गर्व की भावना स्पष्ट रूप से दिखी।
हॉकी बिलासपुर के अध्यक्ष रोहित बाजपेई, हॉकी छत्तीसगढ़ के महासचिव डॉ. मनीष श्रीवास्तव, पूर्व खिलाड़ी सुनील शुक्ला, धनीराम यादव, अमिताभ मानिकपुरी, सचिव रवि पारेख, सोनू सिंह, शिव नायडू, ओमकार यादव , जयश्री हूमने ,दामिनी सिंह सागर सूर्यवंशी ,,अभिजीत श्रीवास मोंटी ,सहित संघ के अन्य पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में नगरवासी, खिलाड़ी और अभिभावक मौजूद रहे। अवी के पिता जितेंद्र मानिकपुरी,माता शशिकला मानिकपुरी ,धर्मेंद्र मानिकपुरी परिवार, देवनारायण दीक्षित दुर्गेश साहू ,अनिल कौशिक प्रिंस महतो , भी समारोह में उपस्थित थे और अवी की उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया।
हॉकी विशेषज्ञों ने अवी के तकनीकी कौशल और मैदान पर निर्णायक योगदान की प्रशंसा की है। स्थानीय स्तर पर यह जीत युवाओं में हॉकी के प्रति नये उत्साह और प्रेरणा का कारण मानी जा रही है। नगर प्रशासन व खेल समुदाय ने बेहतर प्रशिक्षण एवं सुविधाओं के जरिए और अधिक युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया।


